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जीवन परिचय - ४ श्री अभिनन्दननाथ जी

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 ४  श्री अभिनन्दननाथ जी

जन्म स्थान

 अयोध्या 

निर्वाण स्थान

 सम्मेद शिखरजी  

पिता जी

 संवर राजा 

माता जी

 सिद्धार्थ देवी 

चिन्ह / प्रतिक

 बन्दर 

चतुर्थ तीर्थंकर अभिनंदनजी की माता का नाम सिद्धार्था देवी और पिता का नाम सन्वर (सम्वर या संवरा राज) है। आपका जन्म माघ शुक्ल की बारस को अयोध्या में हुआ। माघ शुक्ल की बारस को ही आपने दीक्षा ग्रहण की तथा कठोर तप के बाद पौष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को आपको कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। बैशाख शुक्ल की छटमी या सप्तमी के दिन सम्मेद शिखर पर आपको निर्वाण प्राप्त हुआ। जैन धर्मावलंबियों अनुसार उनका प्रतीक चिह्न- बंदर, चैत्यवृक्ष- सरल, यक्ष- यक्षेश्वर, यक्षिणी- व्रजश्रृंखला है।

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